वैदिक अनुष्ठान एवं महायज्ञ
वैदिक परंपरा, विशुद्ध शास्त्रोक्त मंत्रोच्चार, विधि-विधान एवं योग्य ब्राह्मणों द्वारा आपके घर, संस्थान अथवा हमारे वैदिक आश्रम में संपूर्ण अनुष्ठान संपन्न कराए जाते हैं।
प्रमुख वैदिक अनुष्ठान एवं उनका फल
प्रत्येक अनुष्ठान का संकल्प जातक के नाम, गोत्र व मनोकामना अनुसार व्यक्तिगत रूप से लिया जाता है।
महामृत्युंजय महा अनुष्ठान
दीर्घायु, असाध्य रोग निवारण व अकाल मृत्यु रक्षा
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
• जप संख्या: 1,25,000 जप + दशांश हवन
• समय अवधि: 3 से 7 दिवस (विद्वान वैदिक ब्राह्मणों द्वारा)
- गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं व दुर्घटना के भय से रक्षा
- अकाल मृत्यु योग व मार्केश दशा में अचूक सुरक्षा कवच
- परिवार में सकारात्मक ऊर्जा व शांति का संचार
नवचंडी एवं शतचंडी महायज्ञ
सर्व कार्य सिद्धि, राजभय मुक्ति एवं भगवती कृपा
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
• जप संख्या: दुर्गा सप्तशती संपुट पाठ + नवार्ण जप
• समय अवधि: 1 से 3 दिवस
- शत्रु बाधा, राजकीय विवाद एवं कोर्ट कचहरी में विजय
- व्यापार व कार्यक्षेत्र में उन्नति के मार्ग प्रशस्त
- घर-परिवार में आदि शक्ति जगदम्बा की अखंड कृपा
गृह प्रवेश एवं वास्तु शांति
नूतन भवन में सुख, शांति, समृद्धि व लक्ष्मी वास
नमस्ते वास्तुपुरुषाय भूशय्याभिरत प्रभो। मद्गृहं धनधान्यादिसमृद्धं कुरु सर्वदा॥
• जप संख्या: वास्तु मंडल पूजन + नवग्रह शांति हवन
• समय अवधि: 1 दिवस (शुभ मुहूर्त अनुसार)
- भूमि व दिशा दोषों का शास्त्रीय वैदिक परिहार
- नूतन आवास में सुख-समृद्धि एवं वंश वृद्धि
- कलश यात्रा, मातृका पूजन एवं वास्तु पुरुष स्थापन
माँ बगलामुखी अनुष्ठान
शत्रु दमन, कोर्ट-केस विजय एवं वाक सिद्धि
ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा॥
• जप संख्या: 36,000 अथवा 1,25,000 जप
• समय अवधि: 5 से 11 दिवस
- विरोधी व ईर्ष्यालु तत्वों का स्तम्भन
- अन्याय व झूठे मुकदमों से स्थायी छुटकारा
- सम्मोहन, प्रतिष्ठा एवं आत्मबल में अभूतपूर्व वृद्धि
रुद्राभिषेक एवं महारुद्र अनुष्ठान
समस्त पाप व ग्रह दोषों का समूल नाश
नमस्ते रुद्र मन्यव उतो त इषवे नमः। बाहुभ्यामुत ते नमः॥
• जप संख्या: शुक्लयजुर्वेदीय रुद्राष्टाध्यायी पाठ + अभिषेक
• समय अवधि: 1 दिवस
- पंचामृत, ईख रस व गंधोदक द्वारा विशेष अभिषेक
- कालसर्प, शनि की ढैय्या व साढ़ेसाती का त्वरित शमन
- मन की शांति, तनाव मुक्ति एवं आध्यात्मिक उन्नति
संतान गोपाल एवं नवग्रह अनुष्ठान
संतान सुख, वंश वृद्धि एवं गर्भरक्षा
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते। देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः॥
• जप संख्या: 1,25,000 जप + बाल गोपाल पूजन
• समय अवधि: 7 दिवस
- संतान उत्पत्ति में आ रही ग्रह बाधा का निवारण
- गर्भावस्था में माँ व शिशु की सुरक्षा
- योग्य, संस्कारवान व दीर्घायु संतान की प्राप्ति
वैदिक अनुष्ठान एवं मंत्र साधना सीखें
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पंडित निपुण शर्मा • ज्योतिषाचार्य एवं कर्मकांड मर्मज्ञ
